प्रधानमंत्री फसल बीमा 2020 | जानिये हाल ही में क्या बदलाव किये गए |PM Fasal Bima (pmfby)

प्राकृतिक आपदा से जुझने वाले किसानो की समस्या को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। इस योजना से जिन किसानो की फसल बाढ़, सूखा या ओले गिरने की स्थिति में नष्ट हो जाती थी उन किसानों को इस योजना के तहत बीमा दिया जाएगा। PM Fasal Bima में इसी साल कुछ बदलाव किए गए हैं। यह योजना 2016 में शुरू की गई थी तब इसका बजट 8800 करोड़ रूपए था लेकिन 2020 में इस योजना का बजट बढ़ा कर 15500 करोड़ रूपए कर दिया गया है। आज हम अपने इस लेख के जरिए आपको आवेदन प्रक्रिया से लेकर इस योजना में और क्या अहम बदलाव हुए हैं वह भी बताएंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को पूरी तरह समझने के लिए हमारे साथ अंत तक बने रहें।

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana | प्रधानमंत्री फसल बीमा 2020 में हुए बदलाव (Changes)

PM Fasal Bima

PM Fasal Bima में बदलाव और भुगतान

पिछले चार सालों में Pradhan Mantri Fasal Bima Scheme में कई बदलाव किए गए हैं। कुछ दिन पहले किए गए बदलाव में कर्जदार किसानों को स्वेच्छिक कर दिया गया है। आपको बता दें इससे पहले इस योजना में किसान क्रेडिट कार्ड की वजह से किसानों का प्रीमियम भरना अनिवार्य होता था, लेकिन अब इस योजना में किसान अपनी इच्छा अनुसार शामिल हो सकेंगे। इसके अलावा योजना में दो अहम संशोधन किए गए हैं जिसमें इंश्योरेंस कंपनी की सुनिश्चित जवाबदेही और इसमें दंडात्मक प्रावधान भी शामिल किया गया है।

साथ ही 2020-21 में इसका बजट भी 15500 करोड़ रूपए कर दिया गया है। योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओ की वजह से बर्बाद हुई फसल पर बीमित रकम सीधा किसानों के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी। PM Fasal Bima में किसानों को कूल फसल में खरीफ का 2 प्रतिशत, रबी का 1.5 प्रतिशत और बागवानी व वाणज्यिक का 5 प्रतिशत तक का प्रीमियम भरना होगा। इसके अलावा बचे हुए प्रीमियम का कुछ भाग राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा।

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (pmfby) Latest Updates/Changes 2020 in Hindi

PM Fasal Bima योजना में डेडलाइन

PM Fasal Bima योजना में अब राज्य सरकारो के लिए डेडलाइन भी जारी कर दी गई है। इसका कारण यह है कि राज्य सरकारे कभी भी समय पर सब्सिडी की रकम जमा नही करती थी और जिसके कारण किसानों को नुकसान की भरपाई करने में खासी दिक्कत आती थी। साथ ही फसल कटाई के आकंड़ो में भी देरी की जाती थी। यही देखते हुए Pradhan Mantri Fasal Bima में डेडलाइन लाई गई है. अब राज्यों को रबी सीजन के लिए अंतिम समय सीमा 31 मार्च दी गई है वंही खरीफी सीजन के लिए अंतिम समय सीमा 30 सितंबर रखी गई है। फसल की कटाई में हेर फेर न हो इसके लिए भविष्य में इस कार्य में तकनीक का सहारा लिया जाएगा। 

PM Fasal Bima का उद्देश्य

भारत देश कृषि प्रधान है, ऐसे में यंहा किसानो की रूचि खेती में बनी रहे इसलिए इस योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना के तहत किसानो को होने वाले नुकसान से बचाया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी मेंहनत और नुकसान के लिए चिंता मुक्त ऱखना है ताकि वह खेती करते रहें।

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